Gupta Dham Temple : जहाँ भगवान शिव छुप गए थे भस्मासुर के डर से

Gupta Dham Temple

बिहार का रोहतास जिला ऐतिहासिक पर्यटन के साथ साथ धार्मिक पर्यटन स्थल के लिए भी लोकप्रिय है। हमलोग आज प्रकृति की गोद में स्थित धार्मिक पर्यटन स्थल की यात्रा करेंगे और इस धार्मिक महत्व के बारे में जानेंगे। Gupta Dham Temple रोहतास जिला अंतर्गत Chenari block में कैमूर पहाड़ीयो और प्रकति की गोद में स्थित है। यह भगवान शिव को समर्पित है।

इस स्थान पर भगवान शिव के प्राकृतिक शिव लिंग की रूप में गुफा के अंदर पूजा की जाती है। जंगलो से घिरे गुप्ता धाम गुफा के प्राचीनता के बारे में अभी तक कोई प्रमाणित प्रमाण नहीं मिले है। यह religious place स्थानीय और आस पास के राज्यों के धार्मिक पर्यटकों के बिच बहुत ही लोकप्रिय है। झारखण्ड के Deoghar के Baba Dham की तरह ही लोग बक्सर से गंगा के जल को लाकर इस शिवलिंग की पूजा करते है।

Gupta Dham Temple The secret place of Lord Shiva (गुप्ता धाम मंदिर भगवान शिव का गुप्त स्थान)

History of Gupta Dham Temple (गुप्ता धाम मंदिर का इतिहास)

किवदंती के अनुसार, Bhasmasura नाम का एक राक्षस था और वह भगवान शिव का भक्त था। कड़ी तपस्या करने के बाद, वह अपने हाथ से दूसरे के सिर को छु कर जला देना का वरदान प्राप्त करता है। तुरंत वह Lord Shiva को छू कर राख (भस्म) में बदल देना चाहता था। वरदान पाने के बाद भस्मासुर भगवान शिव पर अपना हाथ रखने की कोशिश करता है। तब शिव भस्मासुर से बचने के लिए गुप्त धाम की इस गुफा के गुप्त स्थान पर छिप जाते है। इस गुफा का वर्णन शिव पुराण ( Shiva Purana ) में भी मिलता है।

गुफा का प्रवेश द्वार 18 फीट चौड़ा और 12 फीट ऊंचा है और यह पवित्र गुफा 363 फीट लंबी है। पाताल गंगा के पास दीवार पर एक उत्कीर्ण शिलालेख है। पुरातत्वविद यह तय नहीं कर पाए हैं कि यह मानव निर्मित गुफा है या Natural cave है। गुफा में अंदर जाने पर आप देखेंगे की घना अंधेरा है, कृत्रिम प्रकाश के बिना जाना संभव नहीं है। आप गुप्ता धाम मंदिर के अंदर बहुत सारी गुफाएं को देख सकते है , जो एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।

Holy, religious and a secret cave (पवित्र, धार्मिक और एक रहस्मई गुफा)

गुप्ता धाम मंदिर में पर्यटक कैमूर की पहाड़ी के आस पास प्राकृतिक हरे भरे जंगल, उचाई से गिरता प्राकृतिक झरना और मंदिर से कुछ दुरी पर मानव निर्मित करमचट बांध को देख सकते है।

Gupta Dham Temple
गुप्ता धाम स्थित ऊचे स्थान से आस पास के मनमोहक दृश्य @

स्थानीय लोगो के अनुसार, प्रत्येक वर्ष Shravan, नवरात्र और Vasant Panchami के दौरान मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले के दौरान हजारो की संख्या में तीर्थयात्री भगवान शिव की पूजा करने और मनोकामना मांगने के लिए आते है।


यह पर्यटन स्थल Natural photography और Mountain trekking करने वालो के लिए बहुत अच्छा विकल्प है।

How to reach Gupta Dham Temple (गुप्ता धाम मंदिर कैसे पहुंचे)

चेनारी प्रखंड स्थित “ उगहनी ” गांव से गुप्ता धाम पहाड़ी की चढ़ाई की शुरुआत होती है।

सड़क : “कुदरा बस अड्डा” और “सासाराम बस अड्डा” सबसे निकटतम बस अड्डा है ।

रेल : “कुदरा रेलवे स्टेशन” और “सासाराम रेलवे स्टेशन” सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है।

वायु : “वाराणसी हवाई अड्डा” सबसे निककतम हवाई अड्डा है।

Tourist places near Gupta Dham Temple (गुप्ता धाम मंदिर के आस पास के पर्यटन स्थल)

  1. Tutla Bhavani Temple ( तुतला भवानी मंदिर )
  2. Rohtas Garh Fort Sasaram ( रोहतास गढ़ किला सासाराम )
  3. Mata Tarachandi Temple ( माँ ताराचंडी मंदिर )
  4. Sher Shah Suri Tomb ( शेर शाह सूरी मकबरा )
  5. Sher Garh Fort Rohtas ( शेर गढ़ किला रोहतास )
  6. Manjhar Kund Waterfall ( मांझर कुंड झरना )
  7. Pilot Baba Ashram ( पायलट बाबा आश्रम )
  8. Karamchat Dam ( करमचट बांध )

सावधानी :

  1. हमेसा ग्रुप में जाये।
  2. अपने साथ खाने और पिने के लिए पानी ले कर जाये।
  3. अपने साथ एक बड़ा प्लास्टिक का तिरपाल, टॉर्च और एक लकड़ी का डंडा ले कर जाये।
  4. जूता ही पहन कर जाये और चपल कभी भी न पहने कर जाये। क्योंकि रास्ता नहीं बना है और आपको पहाड़ के ऊचे निचे पथरीले के रस्ते से जाना है।
  5. घने जंगल और ऊचे पहाड़ के कारण यह मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है, इसलिए अपने लोगों को बता कर जाये।
  6. अगर आपको सांस लेने में दिकत होता है तो गुफा के अंदर न जाये।



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