तिब्बतियन मठ बोधगया : बोधगया का सबसे पुराना मठ

तिब्बतियन मठ बोधगया

बोधगया बौद्ध मंदिरो और बौद्ध मठो के लिए लोकप्रिय है। इसलिए आज हमलोग बोधगया के विभिन्न बौद्ध मंदिरों और मठो की यात्रा करेंगे। ये मठ अपने सुंदर वास्तुकला बनावट और खूबसूरत नक्कासी के लिए लोकप्रिय है। तिब्बतियन मठ बोधगया स्थित ऐसा ही एक प्राचीन मठ है। यह सबसे लोकप्रिय बोधगया के पर्यटन स्थल में से एक है। तिब्बतियन मठ बोधगया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा मठ है। इसका निर्माण 1934 ईस्वी में हुआ था और इस मठ का निर्माण तिब्बतियन वास्तुकला शैली में हुआ है। मठ बौद्ध भिक्षु और पर्यटक के लिए बहुत ही शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करता है। इस स्थान पर कई बौद्ध धर्म के समुदाय से जुड़े बौद्ध भिक्षु भगवान बुद्ध की प्राथना करते रहते है। इस…

ग्रेट बुद्धा स्टेचू : देश में भगवान बुद्ध की सबसे बड़ी प्रतिमा

ग्रेट बुद्धा स्टेचू

बोधगया अपने यहाँ घूमने आने वाले पर्यटकों को कभी नीरास नहीं करता है। बोधगया स्थित बुद्ध को समर्पित कई खूबसूरत और नक्कासीदार स्मारक, मठ और स्तूप कई अन्य देशो द्वारा बनाया गया है। जिससे पर्यटकों का रोमांच हमेसा बढ़ा रहता है। इसी रोमांच को दुगना करने आज हमलोग बोधगया स्थित ग्रेट बुद्धा स्टेचू की प्रतिमा को देखने चलेंगे। बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर से कुछ मिनट की दुरी पर, भारत देश में स्थित भगवान बुद्ध की सबसे बड़ी प्रतिमा ग्रेट बुद्धा स्टेचू स्थित है। इस प्रतिमा का निर्माण 1989 ईस्वी में XIVth दलाई लामा ने कराया था। बुद्ध की विशाल मूर्ति ध्यान की मुद्रा में बनाया गया है। बुद्ध की प्रतिमा की उचाई 64 फुट है और 6 फुट ऊचे कमल…

Bodhi Tree : भगवान बुद्ध से सम्बंधित एक पवित्र वृक्ष

Bodhi tree

बोधि वृक्ष का शाब्दिक अर्थ ज्ञान का वृक्ष है। Bodhi Tree बोधगया स्थित एक विशाल पीपल का वृछ है। बौद्ध धर्म में इस पेड़ को सबसे प्रमुख और सम्मानित स्थान दिया गया है। क्योकि ईसा पूर्व 531 में Rajkumar Gautam को इसी वृक्ष के निचे बोध (ज्ञान) प्राप्त हुआ था। सात दिनों तक ज्ञान की खोज में बुद्ध इसी वृक्ष के निचे तपस्या किये और आत्मज्ञान प्राप्त होने के बाद गौतम बुद्ध को बुद्ध के नाम से जाना जाने लगा। ज्ञान प्राप्त करने के बाद बुद्ध इस स्थान को छोड़ कर धर्म प्रचार के लिए दूसरे प्रदेश में चले गए और बाद में उनके अनुयायी इस स्थान पर प्रार्थना लिए आने लगे। Bodhi Tree यूनेस्को द्वारा घोसित विश्व विरासत स्थल…

BodhGaya : विश्व में बौद्ध धर्म की राजधानी और एक विश्व विरासत स्थल

BodhGaya

बिहार राज्य के कई जिलों में बौद्ध धर्म से सम्बंधित कई पुरातत्व स्थान मिले है ,जो इसको बौद्ध धर्म की जनम स्थली प्रमाणित करती है। बोधगया शहर बौद्ध धर्म से सम्बंधित एक विरासत स्थल है। BodhGaya बिहार में गया शहर से कुछ दुरी पर स्थित Buddhism के अनुयायियों का सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। यह पवित्र ,धार्मिक और सांत पर्यटन स्थल हजारों Buddhist pilgrims को अपने तरफ आकर्षित करता है। यह शहर के शोरगुल से दूर और प्रकृति की गोद में स्थित एक शान्तिप्रिय शहर है। Gautam buddha ने शहर के एक स्थान पर वृछ के निचे तपस्या कर ज्ञान की प्राप्ति की थी। गौतम बुद्ध ज्ञान की प्राप्ति के बाद बुद्ध हो गये और इस स्थान को छोड़ कर…

Mahabodhi Temple : भगवान बुद्ध से सम्बंधित विश्व की प्राचीन मंदिर

Mahabodhi Temple

भारत देश में बिहार स्थित बोधगया का Mahabodhi Temple बौद्ध धर्म का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। यह बिहार का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है और बिहार घूमने वाले पर्यटकों के बिच काफी लोकप्रिय है। इस Buddhist temple का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। इतिहासकारों के अनुसार 500 ईस्वी पूर्व गौतम बुद्ध ज्ञान की तलाश में Bodhgaya पहुंचे और एक Bodhi Tree निचे तपस्या करने लगे। ध्यान कर ज्ञान प्राप्त करने के बाद वे धर्म प्रचार करने के लिए वाराणसी स्थित सारनाथ चले गए। भगवान बुद्ध को जिस स्थान पर ज्ञान प्राप्त हुआ , उस स्थान पर 250 वर्ष बाद महान सम्राट अशोक ने Mahabodhi Temple और मठ का निर्माण कराया था। बिहार का सबसे लोकप्रिय पर्यटन…

Mangla Gauri Temple Gaya : देश के 18 महाशक्ति पीठ में से एक

Mangla Gauri Temple Gaya

गया शहर में पर्यटकों को घूमने और देखने के लिए बहुत से खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यह पर्यटन स्थल उनको गया के संस्कृति और उनसे सम्बंधित रोचक बात बतलाता है। इसलिए आज हम Mangla Gauri Temple Gaya जाएंगे। यह मंदिर गया शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलो में से एक है। यह देश के 18 महाशक्ति पीठ में से एक है और इस स्थान पर मुख्य रूप से Shakti ( माँ दुर्गा ) के रूप की आराधना की जाती है। यह स्थान गया में तांत्रिक कार्यों के लिए भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस पवित्र स्थान पर Maa Sati की मृत्यु के बाद, उनके शरीर का एक हिस्सा गिरा था। पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 110…

Vishnupad Temple: प्राचीन मंदिर जहाँ है भगवान विष्णु का चरण चिह्न

Vishnupad Temple

गया घूमने आने वाले पर्यटकों के बिच Vishnupad Temple बहुत ही लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह मंदिर फल्गु नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। यह एक प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर है और भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर में 40 सेंटीमीटर लम्बे भगवान विष्णु के पदचिन्हों की पूजा की जाती है। लोगों के अनुसार इस मंदिर का सम्बन्ध गायसुर और भगवान विष्णु के युद्ध से है। Gaiasur तपस्या कर वरदान माँगा की जो उसे देखेगा उसे मोक्ष प्राप्त होगा। वरदान के कारन, अनैतिक लोग बिना धार्मिक कार्य के भी मोक्ष को प्राप्त करने लगे। तब Lord Vishnu ने उस असुर के सिर पर अपने दाहिने पद से धरती के अंदर चला गया और भगवान विष्णु का पैर सतह…

Gaya: पिण्डदान व श्राद्ध के लिए देश में सबसे प्रमुख तीर्थस्थल

Gaya

गया बिहार राज्य के सबसे प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थलों में से एक है। इसलिए आज हमलोग गया के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा करेंगे। यह सुंदर शहर प्रकृति की गोद में बसा है। यह तीन तरफ से छोटी पहाड़ी से घिरा हुआ है और दूसरे तरफ Phalgu River है। हरे भरे पेड़ और ऊंचे पहाड़ शहर की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते है। Gaya तीर्थ स्थल एक धार्मिक और प्राचीन नगर है। यह धार्मिक शहर मौर्य काल में एक प्रमुख नगर था। इस नगर पर मध्यकाल में मुगल सम्राटों का और बाद में अंग्रेजों का राज था। इस प्राचीन नगर की प्रसिद्धि वाराणसी नगर की तरह ही एक धार्मिक नगर के रूप में है। फल्गु नदी के तट पर…

Umga Sun Temple : औरंगाबाद के सबसे प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षणों में से एक

Umga Sun Temple

बिहार का औरंगाबाद जिला बहुत से ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल जैसे: देव सूर्य मंदिर, देव कुंड, पवई और उमगा मंदिर आदि के लिए जाना जाता है । Umga Sun Temple जिले का दूसरा सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है और पर्यटक इसको देखने के लिए वर्ष भर आते रहते है। आज हमलोग उमगा मंदिर की यात्रा करेंगे और जानेंगे मंदिर से सम्बंधित कुछ रोचक बातें। यह एक प्राचीन Vaishnav Temple है। औरंगाबाद शहर से पूर्व में 24 k.m की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर की वास्तुकला, Aurangabad district स्थित देव सूर्य मंदिर की तरह दिखाई देता है। मंदिर का निर्माण सफेद ग्रेनाईट पथरों के स्क्वायर ब्लॉक से हुआ है। यह खूबसूरत मंदिर 150 फुट उच्चे पहाड़ी पर स्थित है।…

Dev Sun Temple : सबसे बड़े धार्मिक उत्सव छठ त्यौहार का केन्द्र

Dev Sun Temple

आज हम लोग बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला स्थित Dev Sun Temple की यात्रा करेंगे, क्योंकि यह देव भूमि राज्य के सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सव Chhath Puja के लिए जाना जाता है। बिहार राज्य अपने धार्मिक स्थलों के लिए पुरे भारत देश में मशहूर है। Aurangabad जिले का सूर्य मंदिर राज्य के महत्वपूर्ण Religious place में से एक है। यह प्राचीन मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित है। मंदिर की उचाई होने के कारण यह दूर से ही दिखाई देने लगती है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर God sun रथ पर सवार है और रथ में 7 घोड़े है। रथ के घोड़े को देखने से लगता है, मानो दौड़ कर आसमान की तरफ जा रहे है। इस प्रसिद्ध Dev Sun Temple…