भारतीय पुरातात्विक स्थल 6 जुलाई से खुल चुके है देश के शैलानियों के लिए

भारतीय पुरातात्विक स्थल

देश में अनलॉक 2.0 के दौरान देश के सरकारे पर्यटन ब्यवसाय को सहूलियत देना चाहती है। इसलिए भारतीय पुरातात्विक विभाग पुरातात्विक पर्यटक स्थलों को कई दिशा – निर्देश के साथ आम जनता के लिए 6 जुलाई से फिर से खोल चुकी है। इन पुरातात्विक स्थल से कई तरह के ब्यवसाय जुड़े हुए है।देश के केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल के कहे अनुसार देश के सभी भारतीय पुरातत्व संरक्षित स्मारक शैलानियों के लिए कल सोमवार 6 जुलाई से खोल दिए गए है।

इससे पहले संस्कृति मंत्रालय ने देश के लगभग 820 स्मारकों को धार्मिक कार्यक्रमों के लिए खोल दिया था। कोरोना महामारी के कारण मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह से राष्ट्रव्यापी बंद किया गया था। देश में कुल लगभग 3000 से अधिक भारतीय पुरातत्व संरक्षित स्मारक है, जो महामारी से बचाओ के कारण बंद थे। परन्तु अब आम जनता के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है।

वहीं पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने पर्यटकों के लिए एएसआई संरक्षित पुरातात्विक पर्यटक स्थलों को फिर से खोलने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के फैसले का स्वागत किया है। इसके साथ ही पर्यटन उद्योग ने शैलानियों के स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है। जिससे उनके चेहरे पर खुसी का भाव दिखाई देता है।

भारतीय पुरातात्विक स्थल और स्मारक शैलानियों के लिए खुल गया

जैसा की केंद्र सरकार का पर्यटन विभाग अनलॉक 2.0 के दौरान देश के सभी पुरातत्व संरक्षित स्मारक साइटें फिर से खोलने के लिए तैयार हैं। इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए अपने सभी अधिकारियों को सरकार द्वारा जारी सभी स्वच्छता और सामाजिक सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

इस दौरान शैलानियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा और सार्वजानिक पुरातत्व वस्तुओ को नहीं छूना होगा। शैलानियों को स्वास्थ्य मंत्रालय और जिला प्रशासन द्वारा जारी मानदंडों को पूरा करना भी अनिवार्य होगा। हालांकि केंद्र सरकार और एएसआई के अधीन आने वाले सभी स्मारकों को खोलने का निर्णय भी राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अनुमति से ही किया जायेगा।

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