बाबा विश्वनाथ : शिव भक्तों के लिए 108 दिनों बाद पुनः सज कर तैयार है

बाबा विश्‍वनाथ

वाराणसी स्थित बाबा विश्वनाथ का मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिलिंग में से एक है। गंगा के तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है। प्रत्येक दिन हजारो की संख्या में श्रद्धालु गंगा में स्नान कर बाबा विश्‍वनाथ का जलाभिषेक कर पूजा करने आते है।

परन्तु कोरोना के संक्रमण से बचाव के कारण देश के सभी मंदिरो को बंद करदिया गया था। वाराणसी भी वैश्विक कोरोना महामारी से अछूता नहीं था इसलिए प्रसिद्ध बाबा विश्वनाथ का मंदिर लोगों के दर्शन के लिए बंद कर दिया गया। मगर श्रद्धालु आज से बाबा विश्‍वनाथ का जलाभिषेक कर दर्शन सकेंगे।

बाबा विश्‍वनाथ मंदिर आम जनता के लिए खुल गया

कोरोना के कारण अनलॉक में भी गंगा के तट पर शाम में होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती भी केवल सांकेतिक रूप में हो रही है। जिससे घाटों पर लोग का ज्यादा भीड़ न हो। लोग मंदिर में भी राज्य सरकार द्वारा जारी मास्क और सोशल डिस्‍टेंसिंग जैसे दिशा- निर्देशों का पालन कर रहे है। इस वर्ष वाराणसी रथयात्रा समेत कई अन्य धार्मिक कार्यक्रम नहीं हो सके।

वैश्विक कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण 108 दिन बाद बाबा के भक्त आज सावन की पहले सोमवारी को बाबा विश्‍वनाथ का जलाभिषेक करेंगे। प्रशासन ने कई वर्ष पुरानी परम्परा को कायम रखते हुए काशी विश्‍वनाथ मंदिर के साथ वाराणसी नगर के अन्‍य शिवालयों में यादव बंधू को जलाभिषेक की अनुमति दी है।

बाबा विश्‍वनाथ देश का एक प्राचीन मंदिर

आज का दिन का बहुत ही विशेष मान्‍यता है क्योकि आज सावन का पहला दिन और उस पर से सोमवार। परम्परा के अनुसार 1932 से लगातार पहले सोमवारी पर हजारों यादव बंधू समूह में जलाभिषेक करते है। परन्तु इस वर्ष प्रशासन ने केवल पांच यादव बंधुओ को नगर के विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करने की अनुमति दी है। देश और राज्य में बढ़ते कोरोना प्रकोप के मद्देनजर वाराणसी नगर के सारे मंदिरो को पूर्ण लॉकडाउन लागु होने से पहले ही यानी 20 मार्च से ही श्रद्धालुओं के दर्शन करने पर रोक लगा हुआ था।

बाबा विश्‍वनाथ के जलाभिषेक कर सकेंगे श्रद्धालु

कोरोना महामारी के साथ सावन के पवित्र महीने में होने वाले भक्तो के भीड़ को संभालने के लिए काशी पूर्ण रूप से तैयार है। सावन में होने वाले भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई गाइडलाइन जारी किये है जिससे मंदिर में भीड़ न हो और श्रद्धालु सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों का पालन करे। साथ ही जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है की यदि किसी मंदिर में दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो मंदिर को बंद कर दिया जायेगा।

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